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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का शरीर नाजà¥à¤• होता है। à¤à¤¸à¥‡ में उनके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। शारीरिक विकास के दौर से गà¥à¤œà¤° रहे बचà¥à¤šà¥‡ जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ सकता है। कà¤à¥€ पेट दरà¥à¤¦, कà¤à¥€ सिर दरà¥à¤¦ तो कà¤à¥€ कà¥à¤› और। à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है पैरों में दरà¥à¤¦ होने की। अब पैरों में दरà¥à¤¦ होना बढ़ती शारीरिक गतिविधि की निशानी है या कà¥à¤› और। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम इसी विषय पर चरà¥à¤šà¤¾ करेंगे। यहां हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ होने का कारण और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ के लकà¥à¤·à¤£ के साथ-साथ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ का इलाज की à¤à¥€ जानकारी देंगे। पैर में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ कब चिंता का विषय बन जाती है, यह जानने के लिठइस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैरों में दरà¥à¤¦ होना कà¥à¤¯à¤¾ है?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैरों में दरà¥à¤¦ होना कोई बीमारी नहीं, बलà¥à¤•ि गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚ग पेन होता है यानी शरीर के विकास के साथ होने वाला दरà¥à¤¦à¥¤ यह दरà¥à¤¦ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° 3 से 5 साल तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होता है। कई बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में उमà¥à¤° बà¥à¤¨à¥‡ पर दरà¥à¤¦ नहीं होता है। इस गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚ग दरà¥à¤¦ से जूठरहे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° पैरों में दरà¥à¤¦ होता है। अकà¥à¤¸à¤°, यह दरà¥à¤¦ पैर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ व पिंडली के साथ-साथ जांघों और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के पीछे अधिक होता है (1)।
कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ होना आम बात है? आइà¤, अब इस बारे में जानते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ होना कितना आम है?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में यह गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚ग पेन आम होता है। अगर इसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ की बात करें, तो करीब 2.6% से 49.6% बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को यह दरà¥à¤¦ होता है (2)। हालांकि, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बार-बार होने वाला यह दरà¥à¤¦ माता-पिता के लिठचिंता का विषय बन सकता है, लेकिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ रà¥à¤•ने के साथ ही यह दरà¥à¤¦ à¤à¥€ ठीक हो जाता है (1)। हां, अगर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो रहा है, तो इस बारे में à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात जरूर करें।
लेख के इस हिसà¥à¤¸à¥‡ में हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में होने वाले दरà¥à¤¦ के कारण जानेंगे।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ होने का कारण
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ के कई कारण हो सकते हैं। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का मानना है कि मांसपेशियों के थक जाने पर दरà¥à¤¦ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है। इसलिà¤, बचà¥à¤šà¥‡ जब दिनà¤à¤° दौड़ते, चढ़ते, कूदते व खेलते हैं, तो रात में पैरों में दरà¥à¤¦ हो सकता है (1)। खेलने-कूदने, बढ़ते विकास, मांसपेशियों में खिंचाव और बढ़ती शारीरिक गतिविधियों यानी गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚ग पैन के साथ ही कई अनà¥à¤¯ कारण की वजह से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ हो सकता है, जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार है:
चोट लगने पर – कई बार बचà¥à¤šà¥‡ खेलते-कूदते समय गिर जाते हैं, जिसकी वजह से उनके पैरों में दिखने वाली चोट या गà¥à¤® चोट लग जाती हैं। इस चोट की वजह से à¤à¥€ कई बार पैरों में दरà¥à¤¦ हो सकता है। साथ ही कई बार मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन यानी कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ª की वजह से à¤à¥€ पैर में दरà¥à¤¦ हो सकता है (3)।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ – बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के कारण à¤à¥€ पैर में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ पानी की कमी, उलटी और दसà¥à¤¤ के कारण हो सकती है, जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सबसे अधिक हो सकती है (3) (4)।
सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤¾à¤‡à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸- अगर बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤–ार के साथ पैरों (limb) व जोड़ों में दरà¥à¤¦ हो रहा है, तो इसकी वजह सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤¾à¤‡à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ हो सकता है। ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤®à¤¾à¤‡à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (OM) हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में होने वाली à¤à¤• तरह की सूजन है, जो आमतौर पर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण या अनà¥à¤¯ सूकà¥à¤·à¥à¤® जीव (जैसे कवक) से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ होती है। वहीं, सेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• गठिया (SA) à¤à¥€ à¤à¤• तरह का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, जो कनेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ टिशà¥à¤¯à¥‚ की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ (Synovial space) में होता है (5)।
जà¥à¤µà¥‡à¤¨à¤¾à¤‡à¤² अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ (Juvenile Arthritis)- यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का गठिया होता है। जब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इस तरह के अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ हो जाते हैं, तो पैरों में सूजन के साथ-साथ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ à¤à¥€ होने लगता है (6)।
ऑसगà¥à¤¡-शà¥à¤²à¥ˆà¤Ÿà¤° डिजीज (Osgood-Schlatter Disease)- ऑसगà¥à¤¡-शà¥à¤²à¥ˆà¤Ÿà¤° à¤à¤• तरह का रोग होता है, जो घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में होता है। इस रोग के कारण घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के पीछे के हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होता है, जो दौड़ने, à¤à¤¾à¤—ने और कूदने से और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाता है (7)।
वायरल मायोसाइटिस (Viral Myositis)- मायोसाइटिस वायरल की वजह से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैरों में दरà¥à¤¦ हो सकता है। मायोसाइटिस वायरल के दौरान मांसपेशियां कमजोरी हो जाती हैं और दरà¥à¤¦ होता है। अगर किसी बचà¥à¤šà¥‡ को यह समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो उसके पैरों में दरà¥à¤¦ हो सकता है (8)।
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की कमजोरी– बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मजबूत न होने की वजह से à¤à¥€ गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚ग पेन हो सकता है। हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बेहतर घनतà¥à¤µ वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अनà¥à¤¯ के मà¥à¤•ाबले गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚ग पेन कम होता है (9)।
विटामिन सी की कमी से होने वाली बीमारी, सà¥à¤•रà¥à¤µà¥€ की वजह से à¤à¥€ दरà¥à¤¦ की शिकायत हो सकती है।
विटामिन डी की कमी से होने वाली बीमारी रिकेट की वजह से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मांसपेशियों की दरà¥à¤¦ की शिकायत हो सकती है।
लà¥à¤¯à¥‚केमिया और लिमà¥à¤«à¥‹à¤®à¤¾ (बà¥à¤²à¤¡ कैंसर) बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के दरà¥à¤¦ का कारण बन सकता है। इसलिà¤, इससे संबंधित बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ कराना à¤à¥€ आवशà¥à¤¯à¤• है।
आइà¤, अब उन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बात करते हैं, जिनसे पता चल सकता है कि पैरों में दरà¥à¤¦ हो रहा है या नहीं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ के लकà¥à¤·à¤£
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखकर उनके पैर में होने वाले दरà¥à¤¦ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को समà¤à¤¾ जा सकता है, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (10)।
जोड़ों में दरà¥à¤¦ और सूजन।
जोड़ों को छूने पर गरà¥à¤® महसूस होना।
बà¥à¤–ार होना।
लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ नजर आना।
सोने के समय पैरों में दरà¥à¤¦ होना।
अचानक से रात में दरà¥à¤¦ का उठाना।
सà¥à¤¬à¤¹ दरà¥à¤¦ का चला जाना।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में हम दरà¥à¤¦ का पता लगाने के लिठकà¥à¤› जांच के बारे में बता रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ का निदान
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ के निदान के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• किया जाना जरूरी है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° दरà¥à¤¦ व उसके कारण जानने के लिठनिमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ कर सकते हैं (10)।
फिजिकल चेकअप – पैर के दरà¥à¤¦ का निदान करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° सबसे पहले फिजिकल चेकअप करते हैं। इस दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ से उस जगह के बारे में पूछते हैं, जहां दरà¥à¤¦ होता है। साथ ही दरà¥à¤¦ की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ और कितने समय तक रहता है, इस बारे में पूछ सकते हैं। साथ ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° दरà¥à¤¦ वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ को छूकर उस जगह की जांच कर सकते हैं।
रकà¥à¤¤ की जांच और à¤à¤•à¥à¤¸-रे- पैरों में तीवà¥à¤° दरà¥à¤¦ या फिर किसी तरह की गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ का अंदेशा होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° रकà¥à¤¤ की जांच और à¤à¤•à¥à¤¸-रे करने की सलाह दे सकते हैं, ताकि सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो जाठकि दरà¥à¤¦ किस वजह से हो रहा है।
चलिà¤, अब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ का इलाज à¤à¥€ जान लेते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ का इलाज
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में होने वाले दरà¥à¤¦ को दूर करने के लिठइलाज के तौर पर दवाइयों के साथ ही कà¥à¤› थेरेपी करने की सलाह à¤à¥€ दी जाती है। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर मौजूद à¤à¤• शोध के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, 52% बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर करने के लिठदवाइयों का उपयोग किया जाता है (11)।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर के दरà¥à¤¦ को दूर करने के लिठà¤à¤¨à¤¾à¤²à¥à¤œà¥‡à¤¸à¤¿à¤• (दरà¥à¤¦ निवारक) दवा का उपयोग किया जाता है। दरà¥à¤¦ के लिठकà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से à¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ (Acetaminophen or Paracetamol) और नॉनसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¤² à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ (Non-Steroidal Anti-inflammatory Drugs) दी जाती हैं। इसके अलावा, रात में नेपरोकà¥à¤¸à¤¨ (Naproxen) दवाई à¤à¥€ लेने की सलाह दी जा सकती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाने के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की दवाई या कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® व विटामिन डी यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार लेने की à¤à¥€ सलाह दी जा सकती है। खासकर, उस बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को जिनकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कमजोर हों। माना जाता है कि कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाने के साथ ही दरà¥à¤¦ से à¤à¥€ राहत दिलाने का काम कर सकता है। हालांकि, गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚ग पेन में यह कितना पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ हो सकता है, यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ नहीं है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚ग पेन को कम करने के लिठशारीरिक à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ और थेरेपी की à¤à¥€ मदद ली जा सकती है। यही वजह है कि दरà¥à¤¦ कम करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° मसाज थेरेपी और कॉगà¥à¤¨à¥€à¤Ÿà¤¿à¤µ बिहेवियरल थेरेपी (मानसिक सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिà¤) अपनाने की सलाह दे सकते हैं।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° मसल सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤‚थनिंग पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® की सलाह à¤à¥€ दे सकते हैं। दरअसल, मसल सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤‚थनिंग पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® की मदद से à¤à¥€ दरà¥à¤¦ और थकान को दूर कर गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚ग पेन को कम किया जा सकता है (12)।
अब हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में होने वाले दरà¥à¤¦ से निपटने के लिठकà¥à¤› घरेलू उपाय की बात करेंगे।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ के घरेलू उपाय
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में होने वाले दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठइन घरेलू उपाय को अपनाया जा सकता है (10)।
दरà¥à¤¦ वाले à¤à¤¾à¤— में मालिश करना- बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैरों के मालिश करने पर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दरà¥à¤¦ से राहत मिल सकती है । कई बार दरà¥à¤¦ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¥€ माता-पिता को मालिश करने की सलाह देते हैं।
पैरों को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करना- दिन में पैरों की सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग करने पर मांसपेशियां खिचती हैं। इससे रात को सोते समय होने वाले दरà¥à¤¦ को कम किया जा सकता है। किसी à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को पैरों कि सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग कराने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर पूछें कि सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग को कैसे करना है।
दरà¥à¤¦ वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ में हीटिंग पैड रखना- हीटिंग पैड को पैर पर रखने से उसकी गरà¥à¤®à¥€ से मांसपेशियों को आराम मिल सकता है। अगर सोने से पहले किसी बचà¥à¤šà¥‡ को पैर में दरà¥à¤¦ होता है, तो कम गरà¥à¤® हीटिंग पैड का उपयोग कर सकते हैं।।
आइà¤, अब लेख के अंतिम à¤à¤¾à¤— में जानते हैं कि किस अवसà¥à¤¥à¤¾ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेकअप की जरूरत पड़ती है।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाà¤à¤‚?
अगर छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पैर में दरà¥à¤¦ होने के साथ-साथ निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई दें, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तà¥à¤°à¤‚ंत डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास लेकर जाना चाहिठ(10)।
अगर दरà¥à¤¦ लंबे समय से हो रहा है।
अगर सà¥à¤¬à¤¹ उठने पर पैरों में दरà¥à¤¦, सूजन या लाल निशान दिखाई दें।
चोट की वजह से दरà¥à¤¦à¥¤
बà¥à¤–ार होने पर दरà¥à¤¦ हो।
चलने में समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही हो।
असामानà¥à¤¯ चकतà¥à¤¤à¥‡ नजर आà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥‚ख कम लगे।
कमजोरी व थकान महसूस होने पर।
वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में परिवरà¥à¤¤à¤¨ नजर आने पर।
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